लेखनी कहानी -20-Nov-2022

            कलम की जादूगरी
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कलम की जादूगरी सर पे चढ़ के बोले 
ये गुस्ताखी है या दीवानगी सब पागल पागल बोले
जब कविता सुनाया मां से जूता खाया
मेरा कविता उनको कभी ना भाया
हिम्मत करके जब मै मुस्कुराया
पापा ने फिर से चप्पल उठाया
 मेरे क्लास बारहवी मे फेल होने का किस्सा सुनाया
कविता लिखने का नतीजा तूने जो पाया
भाभी ने देवर ज़ी कह के हमको बुलाया
मौका देखकर हमने भी चौका लगाया
हमने भी मौका देखकर उन्हे हाथ लगाया
भैया ने फिर से डंडा उठाया
आवारा कह कह  के थप्पड़ लगाया
कलम का जादू सर से उतारा
अब जब कविता लिखू तो बेलन पड़ता है
कविता पढ़ते वक़्त यार सच मे डर लगता है
ये कलम की जादूगरी सर पे चढ के बोले
मेरी कविता सुनते हि सब मुझे फटहा बॉस बोले
शायरी लिख लिख मैने लड़किया पटाया
कलम की पागलपंथी आज काम मेरे आया
शायरी लिख मैने कई लड़किया पटाई है
गर्लफ्रैंड को यह खबर किसी ने बताई है।
आज गर्ल फ्रेंड ने मुझे थप्पड़ मारा हैं
शायरी करने का नतीजा आज वखूबी मैने पाया 
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राजेश बनारसी बाबू
उत्तर प्रदेश वाराणसी
स्वरचित रचना
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7 Comments

Wahhh बहुत ही उम्दा

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Teena yadav

21-Nov-2022 08:42 PM

Superb 👍👍

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Gunjan Kamal

21-Nov-2022 02:22 PM

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति

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